बुधवार, 17 जुलाई 2013

sakaratmak soch

जिंदगी जब देती है  तर्क  तुझे ,,
सैकड़ो  रोने  के !!
उदास मत हो जाना राही
 हजारो तर्क ढूढ़ लेना मुस्कराने के ,!!

3 टिप्‍पणियां:

Jyoti khare ने कहा…

बहुत सुंदर और सार्थक भाव प्रकट किये हैं
बधाई

आग्रह है मेरे ब्लॉग में भी सम्मलित हों

Darshan jangra ने कहा…

बहुत सुंदर

बेनामी ने कहा…

बहुत सुंदर