हमारी भाषा हिंदी
हिंदी है हमारी
संवेंदनाऊँ से बंधी न्यारी
हृदय की अभिव्यक्ति का स्त्रोत
भारतियों की नैनो की ज्योत
जब अपनी भाषा में हम
अपनों से सुख दुःख है बांटते हम
इसका अपनत्व ही कर देता है कुछ दुःख कम
वक्त के मनसा हो जाता है श्रोता का मन
अपनी भाषा का अनुभव
ममत्व भरे आँचल सा निर्मल
अन्य भाषाएं जरूर
मगर अपनी भाषा से रहे न दूर
माँ की लोरी की मिठास रहेती है इसमें
पिता का दुलार स्नेह भरता है बालमन में
भाई बेहेन के मीठी झड़प
दोस्तों की बेताकलोफ्फ़ बहस
मिठास घोलती है अपनी भाषा में
सह्रदयता है उपजती अपनत्व की धुप खिलती
अनुभूतियों का आदान प्रदान
कर देता है समस्त ग्रंथियों का निदान
एक दिल की आवाज़ दुसरे की बन जाती
अपनी भाषा में कही बात सब की बन जाती
जड़ों से गर जुड़े रहे तो शक्तिमान बनेगे
एकता के सूत्र में बंधे कुश्हाल बनेगे
एक दिन जीत जाता है तूफ़ान से जड़ों से जुदा पोधा
भाषा संस्कृति से जुड़े देश का नहीं कर सकता कोई सौदा
हिंदी है हमारी
संवेंदनाऊँ से बंधी न्यारी
हृदय की अभिव्यक्ति का स्त्रोत
भारतियों की नैनो की ज्योत
जब अपनी भाषा में हम
अपनों से सुख दुःख है बांटते हम
इसका अपनत्व ही कर देता है कुछ दुःख कम
वक्त के मनसा हो जाता है श्रोता का मन
अपनी भाषा का अनुभव
ममत्व भरे आँचल सा निर्मल
अन्य भाषाएं जरूर
मगर अपनी भाषा से रहे न दूर
माँ की लोरी की मिठास रहेती है इसमें
पिता का दुलार स्नेह भरता है बालमन में
भाई बेहेन के मीठी झड़प
दोस्तों की बेताकलोफ्फ़ बहस
मिठास घोलती है अपनी भाषा में
सह्रदयता है उपजती अपनत्व की धुप खिलती
अनुभूतियों का आदान प्रदान
कर देता है समस्त ग्रंथियों का निदान
एक दिल की आवाज़ दुसरे की बन जाती
अपनी भाषा में कही बात सब की बन जाती
जड़ों से गर जुड़े रहे तो शक्तिमान बनेगे
एकता के सूत्र में बंधे कुश्हाल बनेगे
एक दिन जीत जाता है तूफ़ान से जड़ों से जुदा पोधा
भाषा संस्कृति से जुड़े देश का नहीं कर सकता कोई सौदा
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