गुरुवार, 11 जुलाई 2013

१० नंबर बस



 वह  दिन दूर नही जब 
ऐसा भी जमाना आएगा !
माता  पिता के लिए  बेटा 
 समय नही निकल पायेगा 
एक आस भरी   नजर 
 निहारेगी  उनका रास्ता 
 हर छुट्टी में देंगे 
अपने प्यार का वास्ता 

  आँखे  पथरा जाएँगी 
 इंतज़ार में 
 बच्चो को न होगी
 फुर्सत ऑफिस के काम से 

 जब वे  बदनसीब  पढ़ 
 जायेंगे  बीमार 
१ ० ८  नंबर  की बस 
 ले जाएगी उनको अस्तपताल 
 चिंता के रोगी  माता पिता  की   
 हो     न पाएगी समुचित  देखभाल 
 ११०  नंबर  बस
  और तब तक चल जाएगी 
 जो मृत्यु के बाद  
  उन्हें सुविधा पूर्वक शमशान ले जाएगी 
 दहन संस्कार पंडित  जिम्मेदारी से करा देगा  
 विदेशो में बैठे  बच्चो को 
 भरोसा दिला  देगा 
 
पेमेंट पूरा करदो 
 विधि पूर्वकक्रिया  पूजा करा दी जायेगी 
 फिर होटल में पंडितो को जिमाया भी जायेगा 
 शोक ग्रस्त  माँ  की बुकिंग भी 
 वही एडवांस में करा दी जाएगी 
 वक़्त से पहले  मरी तो 
तत्काल में बुकिंग दी भी दी जाएगी !!!   Alka bhargav