मंगलवार, 27 अगस्त 2013

sawan or teej

तीज 
फिर आया  वो  सावन  सुहाना 
जिसकी यादे  मुश्किल  है   भुलाना 
पेडो पे झुले 
उन्हें केसे भूले 
अम्बर के बदरा 
नेनो मैं कजरा 
चहु ओर   हरियाली 
 
बालाओ  की चुनरी गोटे वाली 
माटी में फूटे बीज 
लो फिर आगयी तीज ,
हाथ वो मेह्न्दीवाले ,
सावन के गीत वो निराले ,
आज  
सावन तो है नहीं है झूले ,
बालाओं ने जींस टॉप है पहना 
उनके पास नहीं चुनरी और लहंगा ,
हाथो में ना मेहँदी ना चूड़ी  
कॆसे याद रहे उन्हें ये तीज 
टेंसन ही बन गई अब तो प्रीत 
केसे गुनगुनाये सावन के गीत 
अब तो सावन कब आता है 
बस इन्क्रीमेंट 
 का महिना याद रहा जाता है 

शनिवार, 20 जुलाई 2013

तुम  गर  साथ हो
तो दुनिया  के हर् गम से लड़ लूगी 
तुम्हारे  हाथ  में हाथ  है ,
तो  सागर  भी पार कर  लूगी 


बुधवार, 17 जुलाई 2013

sakaratmak soch

जिंदगी जब देती है  तर्क  तुझे ,,
सैकड़ो  रोने  के !!
उदास मत हो जाना राही
 हजारो तर्क ढूढ़ लेना मुस्कराने के ,!!

गुरुवार, 11 जुलाई 2013

dil

दिल चाहता  है
 नैनो  में बसा लूँ
तेरे  सुहाने रूप को
जब भी  मन मचले
देख लूं
तेरी मोहिनी तस्वीर को


१० नंबर बस



 वह  दिन दूर नही जब 
ऐसा भी जमाना आएगा !
माता  पिता के लिए  बेटा 
 समय नही निकल पायेगा 
एक आस भरी   नजर 
 निहारेगी  उनका रास्ता 
 हर छुट्टी में देंगे 
अपने प्यार का वास्ता 

  आँखे  पथरा जाएँगी 
 इंतज़ार में 
 बच्चो को न होगी
 फुर्सत ऑफिस के काम से 

 जब वे  बदनसीब  पढ़ 
 जायेंगे  बीमार 
१ ० ८  नंबर  की बस 
 ले जाएगी उनको अस्तपताल 
 चिंता के रोगी  माता पिता  की   
 हो     न पाएगी समुचित  देखभाल 
 ११०  नंबर  बस
  और तब तक चल जाएगी 
 जो मृत्यु के बाद  
  उन्हें सुविधा पूर्वक शमशान ले जाएगी 
 दहन संस्कार पंडित  जिम्मेदारी से करा देगा  
 विदेशो में बैठे  बच्चो को 
 भरोसा दिला  देगा 
 
पेमेंट पूरा करदो 
 विधि पूर्वकक्रिया  पूजा करा दी जायेगी 
 फिर होटल में पंडितो को जिमाया भी जायेगा 
 शोक ग्रस्त  माँ  की बुकिंग भी 
 वही एडवांस में करा दी जाएगी 
 वक़्त से पहले  मरी तो 
तत्काल में बुकिंग दी भी दी जाएगी !!!   Alka bhargav