तीज
फिर आया वो सावन सुहाना
जिसकी यादे मुश्किल है भुलाना
पेडो पे झुले
उन्हें केसे भूले
अम्बर के बदरा
नेनो मैं कजरा
चहु ओर हरियाली
बालाओ की चुनरी गोटे वाली
माटी में फूटे बीज
लो फिर आगयी तीज ,
हाथ वो मेह्न्दीवाले ,
सावन के गीत वो निराले ,
आज
सावन तो है नहीं है झूले ,
बालाओं ने जींस टॉप है पहना
उनके पास नहीं चुनरी और लहंगा ,
हाथो में ना मेहँदी ना चूड़ी
कॆसे याद रहे उन्हें ये तीज
टेंसन ही बन गई अब तो प्रीत
केसे गुनगुनाये सावन के गीत
अब तो सावन कब आता है
बस इन्क्रीमेंट
का महिना याद रहा जाता है
फिर आया वो सावन सुहाना
जिसकी यादे मुश्किल है भुलाना
पेडो पे झुले
उन्हें केसे भूले
अम्बर के बदरा
नेनो मैं कजरा
चहु ओर हरियाली
बालाओ की चुनरी गोटे वाली
माटी में फूटे बीज
लो फिर आगयी तीज ,
हाथ वो मेह्न्दीवाले ,
सावन के गीत वो निराले ,
आज
सावन तो है नहीं है झूले ,
बालाओं ने जींस टॉप है पहना
उनके पास नहीं चुनरी और लहंगा ,
हाथो में ना मेहँदी ना चूड़ी
कॆसे याद रहे उन्हें ये तीज
टेंसन ही बन गई अब तो प्रीत
केसे गुनगुनाये सावन के गीत
अब तो सावन कब आता है
बस इन्क्रीमेंट
का महिना याद रहा जाता है